क्यों पेट्रोल-डीजल है इतना महंगा?

ThefirstU Team : New Delhi
देश के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 100 रुपये के पार पहुंच गई हैं. क्या आपको मालूम है कि जो पेट्रोल-डीजल आप 100 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा कीमत में खरीद रहे हैं, उसमें सरकारें कितनी कमाई कर रही है? आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सरकारों द्वारा टैक्स लगाने के कारण तेल की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो जाती हैं. क्या है इसके पीछे के कारण चलिए जानते हैं... वर्तमान स्थिति की बात करें तो देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही है. तेल के भाव में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. तेल कंपनियों ने रविवार को लगातार पांचवें दिन Petrol-Diesel की कीमतें बढ़ाईं. जिसके बाद

कितना महंगा हुआ तेल?

  • दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 35-35 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
  • पेट्रोल की कीमत दिल्ली में रिकॉर्ड 107.59 रुपये 
  • तो मुंबई में 113.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई. 
  • वहीं, डीजल की कीमत भी दिल्ली में 96.32 रुपये प्रति लीटर हो गई है, 
  • जबकि मुंबई में यह 104 रुपये प्रति लीटर बिक रही है. 
     

इस महीने 24 दिन में पेट्रोल-डीजल 19 बार महंगे हो चुके हैं। इससे राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 5.95 और डीजल 6.45 रुपए महंगा हो चुका है। लेकिन ऐसा हो क्यों रहा है... दरअसल, पेट्रोल और डीजल के इतने महंगे होने के पीछे कई तरह के कारण बताए जा रहे हैं. जैसे-

क्या अंतरराष्ट्रीय कारण है जिम्मेदार?

  • इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें का बढ़ना
  • डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा यानी रुपये की वैल्यू का कमजोर होना ये सब कारण तो हैं ही

लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि पेट्रोल पंपों पर 110 रुपये के करीब मिलने वाला पेट्रोल का भाव टैक्स और चार्जेस लगाने से पहले करीब 44 रुपये ही है. वहीं डीजल की कीमत भी 45-46 रुपये के करीब है. यह इसकी बेस प्राइस होती है. दरअसल, पेट्रोल और डीजल की कीमत में इस पर लगने वाले टैक्स (Tax on Fuel) और चार्जेस की बड़ी भूमिका है. केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही पेट्रोल और डीजल पर टैक्स वसूलती हैं. इसके अलावा फ्रेट, डीलर चार्ज और डीलर कमीशन भी इसकी कीमत में शामिल रहता है. इन सब को पेट्रोल और डीजल के बेस प्राइस में जोड़ देने के बाद रिटेल कीमत सामने आती है. जैसे-

44 रुपये के पेट्रोल पर 57 रुपये से ज्यादा टैक्स

  • पेट्रोल की बेस प्राइस              प्रति लीटर        44.06 रुपये 
  • फ्रेट वगैरह                           प्रति लीटर        0.31 रुपये
  • उत्पाद शुल्क (केंद्र सरकार)    प्रति लीटर        32.90 रुपये
  • डीलर कमीशन                     प्रति लीटर        3.88 रुपये
  • वैट (राज्य सरकार)                प्रति लीटर        24.34 रुपये
  • पेट्रोल का खुदरा मूल्य            प्रति लीटर        105.49 रुपये

ये आंकड़े दिखाते हैं की... पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार केंद्रीय उत्पाद शुल्क वसूलती है, जो कि पूरे भारत में एक समान है. वहीं इन पर लगाए जाने वाले वैट की दरें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती हैं. पिछले कुछ सालों में पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की ओर से लगाया जाने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty) काफी बढ़ गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014 में पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क 9.48 रुपये प्रति लीटर था. अब यह शुल्क अब बढ़कर 33 रुपये प्रति लीटर के करीब हो गया है. वहीं डीजल पर साल 2014 में 3.56 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लग रहा था, जो अब बढ़कर करीब 32 रुपये प्रति लीटर हो चुका है.

 


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